रिवाइंड/अनबायस्ड स्ट्रिंगर्स। मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले के एक छोटे से गाँव सेमर-वास में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनकी जमीनी पृष्ठभूमि और ग्रामीण परिवेश ने उनके व्यक्तित्व पर गहरा असर डाला। पढ़ाई के साथ-साथ वे कुश्ती में भी सक्रिय रहे, जो बाद में उनके राजनीतिक करियर में दृढ़ता और जुझारूपन का परिचायक बना।
राजनीति में उनका प्रवेश 1967 में जसवंतनगर से विधायक चुने जाने के साथ हुआ। शुरुआत में वे एक सामान्य ग्रामीण नेता थे, लेकिन उनकी जनकल्याण की नीतियों और काम करने के तरीके ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया। अपनी राजनीतिक यात्रा में उन्होंने 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना की, जिसने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया। उन्होंने तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला और देश के रक्षा मंत्री भी रहे।
उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान रहा पिछड़े वर्गों और किसानों के लिए आवाज़ उठाना, साथ ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करना। लेकिन उनका सफर विवादों से भी दूर नहीं रहा। 1990 के अयोध्या आंदोलन के दौरान उनके शासनकाल में कारसेवकों पर गोली चलाने का विवाद उनके सबसे विवादित फैसलों में से एक माना जाता है, जिसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना कराना पड़ा।
विरोधियों ने उन्हें जातिगत राजनीति को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया, जिससे प्रदेश में सामाजिक तनाव और विभाजन गहरा गया। कई बार उनके शासन में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठे, और माफिया जैसी शक्तियों के प्रभाव की चर्चाएं भी हुईं। समय के साथ उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ने लगी। इसमें बदलते राजनीतिक माहौल को समझने में विफलता, पार्टी में परिवारवाद का प्रभाव और रणनीतिक गलतियां शामिल थीं।
उनकी राजनीति के पतन की शुरुआत धीरे-धीरे हुई और सत्ता के केंद्र से उनका प्रभाव कम होने लगा। उनके विरोधी इन कमियों को उनके राजनीतिक खत्म होने के कारण मानते थे, जबकि समर्थक उन्हें बड़े बदलावों और सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए एक मजबूत नेता के रूप में याद करते हैं।
10 अक्टूबर 2022 को उनकी लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। उनके जाने के बाद भी उनकी राजनीतिक जीवन और विरासत को लेकर काम और टिप्पणियां जारी हैं। वे ग्रामीण भारत और पिछड़े वर्गों के लिए आवाज़ थे, लेकिन इसी के साथ उनके राजनैतिक कदमों पर विवादों का ग्रहण भी लगा।
उनकी जयंती के अवसर पर यह याद रखना आवश्यक है कि मुलायम सिंह यादव का जीवन केवल एक राजनीति के सफर की कहानी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक संरचनाओं को और जटिलताओं को समझने का भी एक जरिया है। उनकी सफलताएं और असफलताएं दोनों ही प्रदेश की राजनीति को परिभाषित करती हैं।
इस तरह उनका सफर साधारण गाँव के एक युवक से लेकर राजनीति के बड़े नाम तक का ‘रीवाइंड’ है, जिसमें संघर्ष, विवाद, मजबूती और कमजोरियों की भरमार है। उनका राजनीतिक इतिहास उत्तर प्रदेश की सियासत के उतार-चढ़ाव की कहानी कहता है, जिसे जानना आज भी उन जगहों पर महत्वपूर्ण है जहाँ सामाजिक न्याय और विकास की बात होती है।


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