दुबई एयर शो 2025 में स्वदेशी तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त

नई दिल्ली/अनबायस्ड स्ट्रिंगर्स। 21 नवंबर 2025 का दिन भारतीय वायुसेना के लिए एक दुखद दिन बन गया, जब दुबई एयर शो में प्रदर्शन के दौरान भारतीय स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के अचानक नियंत्रण खो देने से तेजस जमीन से टकराया और हादसे में पायलट की जान चली गई। यह हादसा दोपहर 2:10 बजे स्थानीय समयानुसार हुआ, जब हजारों दर्शक तेजस के करतब देखकर मंत्रमुग्ध थे। भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना की पुष्टि की है और हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी गठित कर दी गई है। हादसे के बाद दुबई एयर शो को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया और आपातकालीन टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं।

क्या है तेजस का इतिहास

तेजस विमान भारतीय रक्षा के क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता का बड़ा उदाहरण है। इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बेंगलुरु में विकसित किया है। तेजस का विकास 1980 के दशक में शुरू हुआ और यह भारत का पहला स्वदेशी मल्टी-रोल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। यह विमान हवा से हवा, हवा से जमीन, और टोही सभी कार्यों में सक्षम है। तेजस विमान की तकनीक में एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार, इंफ्रारेड सर्च एंड ट्रैक (IRST), हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले जैसे अत्याधुनिक सिस्टम शामिल हैं, जो इसे एक प्रभावी और आधुनिक लड़ाकू विमान बनाते हैं।

पहली बार 2001 में उड़ान भरने वाले तेजस ने 2015 में भारतीय वायुसेना में प्रवेश किया। इसे आज़ तक कई संस्करणों में विकसित किया गया है, जिनमें मार्क 1, मार्क 1A और ट्रेनर मॉडल शामिल हैं। भारतीय वायुसेना भविष्य में पुराने विमानों को तेजस से बदलने का बड़ा लक्ष्य रखती है, जिससे यह भारतीय रक्षा का आधार स्तंभ बनेगा।

इस हादसे पर एयर इंडिया ने भी दुःख जताया है और पायलट के परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। भारतीय वायुसेना ने कहा है कि वे इस हादसे से गहरे प्रभावित हैं और आगे की जानकारी के लिए जांच जारी है।

तेजस विमान आज भारत की वायुशक्ति की एक महत्वपूर्ण ध्वजा है, और यह हादसा रक्षा और उड्डयन क्षेत्र में चुनौतियों की याद दिलाता है। देश और सेना इस कठिन समय में पायलट की शहादत को याद करते हुए सुरक्षा और तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता देंगे।

यह दुर्घटना स्वदेशी विमानन परियोजना के महत्व को कम नहीं करती, बल्कि इसकी निरंतर मजबूती और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। भारतीय वायुसेना और प्रशासन इस घटना का विशेषज्ञता से अध्ययन कर तेजस विमान को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।

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