नई दिल्ली/अनबायस्ड स्ट्रिंगर्स। आरएसएस चीफ मोहन भागवत के हालिया बयान ने एक बार फिर से हिंदू समाज की पहचान और उसकी सामाजिक स्थिति पर व्यापक बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है, “अगर हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी,” और इस धर्म की स्थिरता और पहचान को “ईश्वर प्रदत्त कर्तव्य” बताया। भागवत ने भारतीय...
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Category: एडिटोरियल
Importance of Dialogue and Consensus in Democracy—A Reflection on the Current Political Climate
Democracy thrives on diversity, dialogue, and consensus. But political polarization, ideological clashes, and rising bitterness have weakened dialogue culture.


