इंटरनेशनल/अनबायस्ड स्ट्रिंगर्स। दक्षिण एशिया में एक नया सैन्य तनाव तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है। Pakistan और Afghanistan के बीच सीमा विवाद और आतंकी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से तनाव रहा है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इस टकराव को खुली सैन्य कार्रवाई के स्तर तक पहुँचा दिया है। पाकिस्तान द्वारा Kabul, Kandahar और पक्तिका जैसे इलाकों में किए गए हवाई हमलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दक्षिणी शहर कंधार के आसपास हवाई हमले किए। अफगान अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों में कई नागरिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए और कुछ लोगों की मौत भी हुई।
आखिर पाकिस्तान ने हमला क्यों किया
पाकिस्तान का कहना है कि इन हमलों का लक्ष्य अफगानिस्तान में छिपे Tehrik-e-Taliban Pakistan (TTP) और अन्य उग्रवादी संगठनों के ठिकाने थे। इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ये संगठन अफगान सीमा के भीतर से पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं।
दरअसल फरवरी 2026 में पाकिस्तान के अंदर कई बड़े आतंकी हमले हुए थे, जिनमें एक मस्जिद पर हमला भी शामिल था। इसके बाद पाकिस्तान ने दावा किया कि इन हमलों के पीछे वही समूह हैं जो अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकानों से काम कर रहे हैं। इसी के जवाब में पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगान क्षेत्र में “खुफिया जानकारी के आधार पर” एयरस्ट्राइक की।
अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान की Taliban सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान ने जिन जगहों को निशाना बनाया, उनमें नागरिक घर और धार्मिक संस्थान भी शामिल थे, जिससे महिलाओं और बच्चों की मौत हुई।
तालिबान सरकार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई का “उचित जवाब” दिया जाएगा। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आईं।
असल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह तनाव नया नहीं है। दोनों देशों के बीच Durand Line नाम की सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद है। इसके अलावा पाकिस्तान का आरोप रहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद TTP लड़ाके उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद उम्मीद थी कि सीमा पर हिंसा कम होगी, लेकिन कई विश्लेषकों के अनुसार उल्टा TTP की गतिविधियाँ और बढ़ गईं। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान कई बार अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले कर चुका है।
क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता
इस संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। China और कुछ अन्य देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव लंबा चला तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है। अफगानिस्तान पहले ही आर्थिक और मानवीय संकट से जूझ रहा है और सीमा पर बढ़ती हिंसा स्थिति को और जटिल बना सकती है।
असली सवाल
पाकिस्तान कहता है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है।
यानी यह संघर्ष सिर्फ दो देशों के बीच की लड़ाई नहीं है। यह आतंकवाद, सीमा विवाद और क्षेत्रीय राजनीति के जटिल समीकरणों का परिणाम है।
अब असली सवाल यही है कि क्या यह तनाव सीमित सैन्य कार्रवाई तक ही रहेगा या दक्षिण एशिया एक और लंबे संघर्ष की ओर बढ़ रहा है।


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